इस्लामिक सहयोग संगठन (Organization of Islamic Cooperation – OIC)

  • चार महाद्वीपों में फैले 57 देशों की सदस्यता के साथ इस्लामिक सहयोग संगठन (OIC) संयुक्त राष्ट्र के बाद विश्व का दूसरा सबसे बड़ा संगठन है।
  • वर्तमान में इस्लामिक सहयोग संगठन में 57 सदस्य देश हैं। इसमें अधिकतर देश मुस्लिम हैं।
  • यह संगठन मुस्लिम/इस्लामिक जगत की सामूहिक आवाज़ है। यह विश्व के विभिन्न लोगों के बीच अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर शांति एवं सद्भाव को बढ़ावा देने की भावना से मुस्लिम दुनिया के हितों की रक्षा और सुरक्षा करने का प्रयास करता है।
  • इस संगठन की स्थापना यरूशलेम में अल-अक्सा मस्ज़िद की आपराधिक आगज़नी के बाद 25 सितंबर, 1969 को मोरक्को साम्राज्य के रबात में हुए ऐतिहासिक शिखर सम्मेलन के निर्णय पर की गई थी
  • वर्ष 1970 में विदेश मंत्रियों के शुरूआती इस्लामी सम्मेलन (ICFM) के परिणामस्वरूप जेद्दा (Saudi Arabia) में एक स्थायी सचिवालय की स्थापना हुई, जिसकी अध्यक्षता संगठन के महासचिव ने की थी।
  • इस्लामिक सहयोग संगठन (Organisation of Islamic Cooperation-OIC) की स्थापना 1969 को रबात (Morocco) में हुई थी।
  • इस्लामिक सहयोग संगठन, एक अंतर्राष्ट्रीय अंतर-सरकारी संगठन (Inter-governmental Organization-IGO) संगठन है ।
  • इस्लामिक सहयोग संगठन(ओआईसी) का पहले नाम इस्लामिक देशों का संगठन (Organisation of Islamic Countries) था।
  • ओआईसी मुस्लिम दुनिया की आवाज़ का प्रतिनिधित्व करने के लिए जाना जाता है।
  • यह संयुक्त राष्ट्र के बाद दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा संगठन है।
  • ओआईसी का मुख्यालय सऊदी अरब के जेद्दा में है।
  • ओआईसी में शामिल होने के लिए किसी भी देश को मुस्लिम बाहुल्य देश होना ज़रूरी होता है।
  • ओआईसी में कम मुस्लिम आबादी वाले देशों को पर्यवेक्षक के रूप में शामिल किया जाता है।
  • हालांकि इंडोनेशिया और पाकिस्तान के बाद तीसरा सबसे बड़ा मुस्लिम आबादी वाला देश भारत को ओआईसी में पर्यवेक्षक का दर्जा नहीं मिला हुआ है, जबकि रूस थाईलैंड जैसे कम मुस्लिम आबादी वाले देशों को ओआईसी पर्यवेक्षक का दर्ज़ा मिला हुआ है। यदि भारत इस संगठन में शामिल होता है तो उसकी पश्चिम एशिया में पकड़ मजबूत होगी।

स्थायी सदस्य:

सदस्य देशों में अफगानिस्तान, अल्जीरिया, बांग्लादेश, ब्रुनेई दारुस्सलाम, बुर्किना फासो, जिबूती, मिस्र, गैबॉन, गाम्बिया, गिनी, इंडोनेशिया, ईरान, इराक, जॉर्डन, मोरक्को, मोज़ाम्बिक, नाइजर, नाइजीरिया, ओमान, पाकिस्तान, फिलिस्तीन, कतर, सऊदी अरब, सेनेगल, सोमालिया, सूडान, सीरिया, ताजिकिस्तान, तुर्की, ट्यूनीशिया, तुर्कमेनिस्तान, संयुक्त अरब अमीरात, उज़्बेकिस्तान, यमन, और अन्य राष्ट्र शामिल हैं।

पर्यवेक्षक सदस्य देश :

बॉस्निया और हर्ज़ेगोविना, मध्य अफ्रीकी गणराज्य, थाईलैंड साम्राज्य, रूसी संघ, साइप्रस तुर्की गणराज्य।

OIC के सहयोग के प्रमुख क्षेत्र क्या हैं?

  • इसका उद्देश्य वर्ष 1967 से फिलिस्तीनी क्षेत्र पर इज़रायल द्वारा किये गए कब्ज़े को समाप्त करने के लिये लगातार प्रयास करना है।
  • आतंकवाद के सभी पहलुओं से निपटने के लिये अंतर्राष्ट्रीय प्रयासों को सशक्त करने तथा राज्यों व अंतर्राष्ट्रीय और क्षेत्रीय संगठनों के साथ सहयोग को मज़बूत करने की दृष्टि से आतंकवाद-रोधी साझेदारी स्थापित करना।
  • पश्चिम में मुस्लिम समुदाय के नेताओं द्वारा सहिष्णुता, उदारता तथा गैर-इस्लामिक लोगों के साथ शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व पर प्रशिक्षण शुरू करना।
  • सदस्य राज्यों, पर्यवेक्षक राज्यों तथा मुस्लिम समुदायों एवं अल्पसंख्यकों का समर्थन करने के लिये इस्लामी एकजुटता के सिद्धांतों का पालन करना।
  • सदस्य राज्यों में जलवायु परिवर्तन और आपदा जोखिम में कमी को कम करने के लिये कार्यक्रमों एवं गतिविधियों के कार्यान्वयन में प्रगति की निगरानी हेतु एक मंच के रूप में प्रत्येक दो वर्ष में पर्यावरण मंत्रियों के इस्लामी सम्मेलन (Islamic Conference of Environment Ministers – ICEM) की बैठक बुलाना।
  • सभी के लिये राष्ट्रीय स्तर पर उपयुक्त सामाजिक सुरक्षा प्रणालियों और उपायों को लागू करना तथा वर्ष 2025 तक निर्धनों एवं कमज़ोर लोगों हेतु पर्याप्त कवरेज प्राप्त करना।
  • व्यापार, निवेश और वित्त:
  • कृषि एवं खाद्य सुरक्षा:
  • श्रम, रोज़गार और सामाजिक सुरक्षा:
    • Thanks

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